Hindi Bp picture

हेलो दोस्तों नमस्कार आज के इस आर्टिकल में हम सब Bp के बारे में पढ़ने वाले है अब आपको Bp के बारे में सुनकर काफी कन्फ्यूजन भी हो रही होगी क्योंकि Bp तो केवल दो अक्षर है

अब इसका सही मतलब क्या है यह आपको पता नहीं चल पाता होगा क्योंकि यह दो अक्षर का शब्द है और इसका मतलब कुछ भी हो सकता है

इसलिए Bp का मतलब जानने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि बीपी शब्द का इस्तेमाल किस क्षेत्र में किया जा रहा है और आप मेडिकल क्षेत्र में बीपी का इस्तेमाल करते हुए तो अक्सर सुना होगा जैसे कि मरीज का बीपी बढ़ गया है

या मरीज का बीपी घट गया है आदि जैसे इस्तेमाल करते हुए तो आपने जरूर सुना होगा और इसके अलावा Bp picture का इस्तेमाल और भी अन्य जगहों पर किया जाता है।

Bp full form in medical

Bp ka full form medical के क्षेत्र में blood pressure होता है

  • Blood
  • pressure

Blood pressure के बारे में जानकारी

अनिमित जीवन शैली, खाना पान की खराब आदतें, दूषित वातावरण और तनाव की वजह से व्यक्ति के शरीर में कई तरह के रोग होने लगते हैं।

आज के दौर में अधितर लोगों को इन्हीं खराब आदतों की वजह से डायबिटीज के साथ ही बीपी की समस्या होना भी आम बात बन चुकी है। ब्लड प्रेशर अधिक व कम दोनों ही स्थितियों में समस्या का कारण बनता है

आइए अब जानते हैं ब्लड प्रेशर किसे कहते हैं या फिर यह क्या होता है हृदय या हार्ट पर पड़ने वाले दबाव को ही ब्लड प्रेशर कहा जाता है दरअसल हृदय या हार्ट शरीर के सभी कोने-कोने में शुद्ध खून को पहुंचाता और कोने-कोने से अशुद्ध खून को बाहर खींच लेता है

और हार्ट एक तरह से पंपिंग मशीन की तरह ही होता है. ब्लड प्रेशर में दो तरह का प्रेशर होता है. एक उपर वाला और दूसरा नीचे वाला. मेडिकल भाषा में इसे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर यानी उपर वाला और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर यानी नीचे वाला ब्लड प्रेशर कहा जाता हैं. दरअसल, जब दिल धड़कता है

तब दिल से शुद्ध खून शरीर के बाकी हिस्से में पहुंचता है और दिल आराम करता है तब शरीर के बाकी हिस्से से खून हार्ट में आता है. सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर इस बात को दर्शाता है कि जब दिल धड़कता है तब आपका खून आपके हार्ट को ब्लड पहुंचाने वाली धमनी की दीवारों पर कितना दबाव डालता है.

वहीं सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर यह दर्शाता है कि जब बीच में दिल धड़कना रुकता है या आराम करता है तब धमनी की दीवारों पर कितना दबाव डालता है. इसमें यह जानना जरूरी है कि सामान्य सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए.